’बारिश के बावजूद गोदियापुरा में उमड़े श्रद्धालु’

बारां। शहर के समीपवर्ती ग्राम ’गोदियापुरा’ स्थित भगवान चतुर्भुजनाथ मंदिर परिसर में श्रद्धा और उल्लास के साथ आयोजित ’श्संगीतमय श्रीमद् भागवत कथाश् में तीसरे दिन’ मंगलवार को भक्तिभाव का माहौल बना रहा।
कथा वाचक ’सुरेशानंद महाराज’ ने प्रवचन में कहा कि श्रीमद् भागवत कल्पवृक्ष के समान है। जिस प्रकार कल्पवृक्ष सभी मनोकामनाएं पूर्ण करता है, उसी प्रकार भागवत का श्रवण करने से मनुष्य के जीवन के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। कितना ही पापी, कितना ही मूर्ख व्यक्ति क्यों न हो, यदि वह सच्चे मन से कथा सुन लेता है तो उसका भी उद्धार निश्चित है। कथा ही एक ऐसा माध्यम है जो जीव को भवसागर से पार लगाती है।
महाराज ने आज की कथा में कई महत्वपूर्ण प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने ’भक्त प्रहलाद के जन्म’, उसकी 21 पीढ़ियों के तारण, ’समुद्र मंथन’ से निकले 14 रत्नों, ’माता लक्ष्मी के प्राकट्य’, ’राजा बलि’ की दानवीरता, ’वामन अवतार’ द्वारा तीन पग पृथ्वी दान मांगने की कथा सुनाई। इसके साथ ही ’भरत चरित्र’ और ’जैन धर्म के आदिनाथ ऋषभदेव भगवान’ के जीवन प्रसंग का भी उल्लेख किया। महाराज के मधुर वचनों और संगीतमय प्रस्तुति को सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित इस कथा में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। मंगलवार को मौसम खराब होने और बारिश होने के बावजूद महिला, पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में कथा स्थल पर पहुंचे। पंडाल भक्तों से मंदिर परिसर भरा रहा। कथा के दौरान प्रस्तुत भजनों पर महिलाओं ने भक्ति में नृत्य किया।
कथा के प्रारंभ में रामेदयाल नागर ने विधि-विधान से व्यास पीठ का पूजन किया। कथा के समापन पर ’महेश शर्मा’ एवं ’गोलू नागर’ द्वारा भव्य आरती की गई। पुजारी ’चंद्रप्रकाश शर्मा’ ने बताया कि आरती के बाद सभी श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर भगवान की आराधना की और प्रसाद ग्रहण किया। आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अपील की है कि वे कथा के शेष दिनों में भी होकर पुण्य लाभ अर्जित करें।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




