गुरु पूर्णिमा पर आचार्य श्री विद्यासागर, आचार्य समयसागर एवं गणिनी प्रमुख आर्यिका ज्ञानमती माताजी का है अवतरण दिवस
मुनि श्री गुरुदत्त सागर एवं क्षुल्लक मेरुदत्त सागर का मिलेगा सानिध्य, जैन धर्म पर आधारित नाटिकाएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहेंगी आकर्षण का केंद्र
बारां। जैन धर्म, त्याग, तपस्या और आध्यात्मिक चेतना के प्रतीक तीन महान संतों के पावन अवतरण दिवस के अवसर पर सोमवार को बारां में श्रद्धा, भक्ति और गुरु गुणानुवाद की अविस्मरणीय संध्या सजेगी।
संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महाराज, आचार्य समयसागर महाराज एवं गणिनी प्रमुख आर्यिका ज्ञानमती माताजी के अवतरण दिवस पर श्री खण्डेलवाल दिगम्बर जैन समाज एवं वामा संगठन बारां के संयुक्त तत्वावधान में भव्य गुरु गुणानुवाद एवं विनयांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम सायं 6 बजे से प्रशांतमती सभागार, जैन जोड़ला मंदिर परिसर में मुनिश्री गुरुदत्त सागर महाराज एवं क्षुल्लक मेरुदत्त सागर महाराज के सानिध्य में होगा।
दिगम्बर जैन समाज अध्यक्ष विनोद बड़जात्या ने बताया की कार्यक्रम के माध्यम से तीनों महान संतों के आध्यात्मिक व्यक्तित्व, तप-साधना, धर्म प्रभावना एवं समाज को दिए गए प्रेरणादायी संदेशों का स्मरण किया जाएगा। श्रद्धालु गुरुवर के चरणों में विनयांजलि अर्पित कर उनके आदर्शों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करेंगे। आयोजन को लेकर समाज के धर्मप्रेमी बंधुओं, महिलाओं एवं युवाओं में उत्साह का वातावरण है।

नाटिकाओं के माध्यम से जीवंत होंगे गुरुवर के प्रेरक प्रसंग
दिगम्बर जैन समाज मंत्री अनिल बड़जात्या ने बताया की समाज के वामा संगठन द्वारा गुरु गुणानुवाद कार्यक्रम में जैन धर्म एवं आचार्य विद्यासागर जी महाराज के जीवन पर आधारित प्रेरणादायी नाटिकाएं विशेष आकर्षण रहेंगी। मंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से गुरुवर के त्यागमय जीवन, आध्यात्मिक साधना, जीवदया, करुणा और मानव कल्याण के संदेशों को प्रस्तुत किया जाएगा।
अमित जैन संजय गोधा ने समस्त समाजबंधुओं, मातृशक्ति, युवाओं एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से कार्यक्रम में अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर तीनों महान संतों के प्रति श्रद्धा-सुमन अर्पित करने तथा गुरु गुणानुवाद की इस पावन संध्या के सहभागी बनने का आह्वान किया है।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते

