“शाहबाद का जंगल हमारी अमूल्य धरोहर है, इसे बचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता” — हरिकृष्ण जोशी
जयपुर,2 मई।
नगर विकास न्यास, कोटा के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठतम भारतीय जनता पार्टी नेता हरिकृष्ण जोशी ने शाहबाद क्षेत्र में जंगलों की कटाई और प्रस्तावित परियोजनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि शाहबाद का जंगल बचाना आज के समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा,
“कोई कैसे शाहबाद का जंगल काट सकता है? यह केवल जंगल नहीं, बल्कि हमारी अमूल्य प्राकृतिक और ऐतिहासिक धरोहर है। इसे बचाकर रखना हर जागरूक नागरिक का कर्तव्य है।”
हरिकृष्ण जोशी ने कहा कि शाहबाद का जंगल न केवल जैव-विविधता, वन्यजीवों और जलस्रोतों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पूरे हाड़ौती क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन का आधार भी है। ऐसे में विकास के नाम पर इस जंगल को नुकसान पहुँचाना भविष्य की पीढ़ियों के साथ अन्याय होगा।
उन्होंने शाहबाद का जंगल बचाने के लिए सक्रिय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं की खुले शब्दों में सराहना करते हुए कहा,
“जो लोग इस अभियान में पूरी निष्ठा और साहस के साथ लगे हुए हैं, मैं उन्हें हृदय से साधुवाद देता हूँ। उनका यह प्रयास समाज और प्रकृति दोनों के हित में है।”
पूर्व न्यास अध्यक्ष ने सरकार और प्रशासन से भी अपील की कि वे किसी भी निर्णय से पहले पर्यावरणीय, सामाजिक और ऐतिहासिक पहलुओं पर गंभीरता से विचार करें। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण को आमने–सामने खड़ा नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि ऐसे विकल्प खोजे जाने चाहिए, जिनसे विकास भी हो और प्रकृति भी सुरक्षित रहे।
हरिकृष्ण जोशी ने अंत में कहा कि शाहबाद का जंगल केवल स्थानीय लोगों की नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की साझा विरासत है। इसे बचाने का यह संघर्ष जनहित, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा हुआ है, जिसमें समाज के हर वर्ग को आगे आकर अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
Author: Neeta Sharma
free Lancer, writer and editor




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