बारां। बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी (जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट) भंवरलाल जनागल ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 की धारा 13(4) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आगामी अक्षय तृतीया एवं पीपल पूर्णिमा के दौरान बाल विवाह के आयोजन की रोकथाम के सम्बंध में आदेश जारी किए हैं।
आदेश के अनुसार ग्राम व तहसील स्तर पर पदस्थापित विभिन्न विभाग के अधिकारी कर्मचारी विशेष रूप से पटवारी, भू-अभिलेख निरीक्षक, ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम सेवक ग्राम में नियुक्त बीट कांस्टेबल, हेल्पर, ए.एन.एम., जी.एन.एम., आंगनबाड़ी केंद्र में नियुक्त महिला समन्वयक, प्राथमिक, माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक स्तर के विद्यालय के प्रधानाध्यापक किसी बाल विवाह के आयोजन के बारे में जानकारी होने पर तुरन्त इसकी सूचना बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी को देंगे । विवाह के कार्ड छापने वाले प्रत्येक प्रिंटिंग प्रेस विवाह का कार्ड छापते समय वर-वधू की आयु के संबंध में प्रमाण पत्र प्राप्त कर अपने पास रखेंगे। जिला परिवहन अधिकारी विवाह के प्रयोग में लिये जाने वाले वाहनों का परिवहन परमिट देते समय इस बात को प्रमाणित करेंगे कि वाहन बाल विवाह के उपयोग में नहीं लिया जाएगा।
विवाह के दौरान कार्य करने वाले पण्डित, हलवाई, बैण्ड मास्टर, टैण्ट मालिक, फोटोग्राफर व प्रिंटिंग प्रेस आदि को अनुबंधित करने पर उनके द्वारा अण्डरटेकिंग प्रपत्र भरकर अपने पास संग्रहित रखेंगे। उपखण्ड मजिस्ट्रेट द्वारा विवाह आयोजन के दौरान कार्य करने वाली एजेंसियों से प्रपत्र प्राप्त कर उसका सत्यापन करेंगे। आदेश की अवहेलना पर अधिनियम की धारा 11 के तहत बाल विवाह को प्रोन्नत करने या उसको अनुष्ठापित करने के लिए दंडित कराने के लिए सक्षम न्यायालय में कार्यवाही की जाएगी।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते




