बारां। जिले में कृषि विभाग द्वारा खरीफ मौसम की बुवाई पूर्व चलाए जा रहे विशेष गुण नियंत्रण अभियान में अब तक 150 से अधिक उर्वरक विक्रेताओं का निरीक्षण कर 7 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस व 1 फर्म की उर्वरक बिक्री पर रोक एवं 1 फर्म का अनुज्ञापत्र निलंबित किया गया। साथ ही अभी तक सिंगल सुपर फास्फेट के तीन नमूने आहरित किए गए। यह अभियान 30 अप्रैल तक जारी रहेगा।
अभियान के तहत बुधवार को कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक आनन्दी लाल मीणा, सहायक निदेशक मुख्यालय धनराज मीणा, सहायक निदेशक उप जिला शिवराज मीणा ने समरानिया क्षेत्र में उर्वरक विक्रेताओं की संस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में संबंधित विक्रेताओं को मूल्य सूची एवं स्टॉक रजिस्टर का संधारण करने के लिए पाबंद किया। साथ ही निरीक्षण के दौरान उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के उल्लंघन पर 2 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस व 1 फर्म की उर्वरक बिक्री पर रोक एवं 1 फर्म का अनुज्ञापत्र निलंबित किया गया।
टीम द्वारा निरीक्षण करते हुए उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए गए कि अनावश्यक यूरिया, डीएपी की बिक्री ना करें एवं जिन किसानों द्वारा जायद की फसल की गई है उन्हें ही आवश्यकता के आधार पर उर्वरक दिया जाए।
Author: Third Eye News 24
सत्यमेव जयते



