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उज्जवल भक्ति और शुभकर्म करने से भगवान की प्राप्ति होती हैः सुरेशानंद महाराज

गोदियापुरा में आयोजित हो रही संगीतमय भागवत कथा

बारां। शहर के समीपवर्ती ग्राम गोदियापुरा-दुर्जनपरा स्थित भगवान चतुर्भुजनाथ मंदिर परिसर में आयोजित हो रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में चैथे दिन बुधवार को सजाई झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इस दौरान मधुर भजनों की धुन पर महिलाओं ने नृत्य किया। इससे वातावरण भक्तिमय हो गया।

भागवत कथा के वर्णन में वाचक सुरेशानंद महाराज ने कहा कि सब खानों की खान भक्ति है। भक्ति से सब कुछ पाया जा सकता है। अन्न, तन, धन बैकुंठ की प्राप्ति भक्ति से होती है, जाति से नहीं। जाति-पाति से भगवान नहीं मिलते। उज्जवल भक्ति और शुभकर्म करने से भगवान की प्राप्ति होती है।

कथा में सुरेशानंद महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवनभर तृष्णा व लालसाओं से घिरा रहता है। जिनसे वह चाहकर भी बाहर नहीं निकल पाता है। इसलिए उसे प्रभू स्मरण करना नहीं भूलना चाहिए। प्रभू का नाम ही उसे इनसे छुटकारा दिला सकता है। जब तक हम परमात्मा के लिए स्वयं को पूर्णरूप से समर्पित नहीं करते तब तक संसार सागर से पार नहीं पा सकते।

महाराज ने कथा में भागीरथ द्वारा गंगा को धरती पर लाने, सूर्यवंश का वर्णन, भगवान राम के जन्म, विवाह आदि प्रसंगों का संगीतमय वर्णन करते हुए कहा कि जब परिवार में एक कन्या शिक्षित होती है तो वह 7 पीढी़ का तारण करती है। यदि वह शिक्षा के साथ-साथ भक्ति भाव करती है, तो फिर 14 पीढ़ी को तारती है। वह 7 पीढ़ी पीहर व 7 पीढ़ी ससुराल पक्ष की कोे बैकुंठ भेज सकती है।
पुजारी चंद्रप्रकाश शर्मा ने बताया कि कथा के दौरान भगवान राम व सीता की झांकी सजाई गई। इससे पूर्व हेमराज नागर, रामदयाल नागर ने व्यास पीठ का पूजन किया। वहीं महेश शर्मा व गोलू नागर ने आरती की। इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया।
फोटो 1 बारां।

Third Eye News 24
Author: Third Eye News 24

सत्यमेव जयते

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