[aioseo_breadcrumbs]

बारां जिला ऐतिहासिक पुरातात्विक और सांस्कृतिक धरोहरों से सम्पन्न _योगेन्द्र भारद्वाज

 

विश्व विरासत दिवस पर बारां में सेमिनार सम्पन्न

“बारां ज़िले की विरासतें और हमारे प्रयास” विषय पर सारगर्भित विचार-विमर्श

बारां,19 अप्रैल।
होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान, बारां ईकाई एवं भारतीय सांस्कृतिक निधि (INTACH) वराह नगरी बारां अध्याय के संयुक्त तत्वावधान में विश्व विरासत दिवस के अवसर पर कल “बारां ज़िले की विरासतें और हमारे प्रयास” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन झालावाड़ रोड स्थित एक निजी होटल में किया गया। सेमिनार में प्रशासन, संस्कृति, पर्यटन, साहित्य एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
सेमिनार के मुख्य वक्ता योगेन्द्र कुमार शर्मा, अतिरिक्त निदेशक, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने अपने संबोधन में कहा कि बारां जिला ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। इन धरोहरों का संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जन-जागरूकता, मीडिया और संस्थागत सहयोग से विरासत संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है।
मुख्य अतिथि संदीप सिंह जादौन, सहायक प्रशासनिक अधिकारी, पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग, बारां ने कहा कि जिले की विरासतें हमारी पहचान और गौरव का प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा संरक्षण के प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं, किंतु स्थानीय सहभागिता और संस्थाओं का सहयोग इन प्रयासों को और सशक्त बनाता है। उन्होंने युवाओं से विरासत संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि रामदास शर्मा, को–कन्वीनर, इंटैक मांगरोल ने कहा कि इंटैक का मूल उद्देश्य विरासत की पहचान, प्रलेखन और संरक्षण है। बारां जिले में अनेक ऐसी धरोहरें हैं जिन्हें वैज्ञानिक संरक्षण और सतत पर्यटन से जोड़ा जा सकता है। इससे रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे और विरासत सुरक्षित भी रहेगी।
अध्यक्षता करते हुए हरिओम अग्रवाल, अध्यक्ष, होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान, बारां ने कहा कि पर्यटन और विरासत एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि विरासत सुरक्षित रहेगी तो पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी। होटल फेडरेशन इस दिशा में हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम की शुरुआत जगदीश शर्मा, सचिव, होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान, बारां के स्वागत भाषण से हुई। बच्छराज राजस्थानी, अध्यक्ष, अखिल भारतीय साहित्य परिषद, बारां ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
दिनेश बंसल, कमलेश गोयल (पूर्व अध्यक्ष, केट), मनोज मारू (संभागीय अध्यक्ष, केट), आनंद बंसल, कमलेश कुमार नागर (इंटैक सदस्य), नाथूलाल मेघवाल,मुरारी राठौर, मृत्युंजय , विष्णु शुक्ला सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में नाथूलाल मेघवाल द्वारा बारां जिले की विरासतों पर आधारित गीत तथा श्रीमती चारु सिंह द्वारा “रंगीला बालम” गीत की मनोहारी प्रस्तुति ने श्रोताओं को राजस्थान की सांस्कृतिक समृद्धि से परिचित कराया।
कार्यक्रम का संयोजन जितेन्द्र कुमार शर्मा, कन्वीनर, इंटैक बारां चैप्टर ने किया। अंत में अध्यक्ष हरिओम अग्रवाल ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं सहभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।

Neeta Sharma
Author: Neeta Sharma

free Lancer, writer and editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RELATED LATEST NEWS